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यमुनोत्री किस पर्वत पर हैं | Yamunotri Kis Parvat Par Hai

यमुनोत्री की यात्रा हिंदुओं की चार मुख्य धामों की यात्राओं में से एक है

यमुनोत्री किस पर्वत पर हैं | Yamunotri Kis Parvat Par Hai : अगर आप यमुनोत्री धाम की यात्रा करना चाहते हैं और आप जानना चाहते हैं कि यमुनोत्री किस पर्वत पर हैं | Yamunotri Kis Parvat Par Hai, यमुनोत्री का रास्ता, आपको परेशान होने की आवश्यकता नहीं है आपको यमुनोत्री जाने से जुड़ी पूरी जानकारी मिलेगी।

यमुनोत्री हिंदू धर्म का एक बहुत ही स्थल है। यमुनोत्री की यात्रा हिंदुओं की चार मुख्य धामों की यात्राओं में से एक है । यहां पर हर साल दर्शन करने के लिए लाखों करोड़ों श्रद्धालु आते है। अगर आप भी यमुनोत्री मंदिर का दर्शन करना चाहते हैं तो आप सही आर्टिकल पढ़ रहे हैं। आपको यमुनोत्री मंदिर से जुड़ी सभी जानकारी और साथ ही साथ यमुनोत्री मंदिर कैसे जाएं के बारे में पूरी जानकारी देंगे।

यमुनोत्री मंदिर कहां है और यमुनोत्री किस पर्वत पर हैं | Yamunotri Kis Parvat Par Hai

यमुनोत्री मंदिर उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित है। यमुनोत्री मंदिर हिमालय पर्वत के ऊंचाइयों पर बसा हुआ एक बहुत ही प्रसिद्ध मन्दिर है। यमुनोत्री धाम मंदिर हिंदुओं के चार प्रमुख धाम यात्राओं में से एक है यहां पर हर साल लाखों श्रद्धालु यात्रा करने आते।

बहुत सारे श्रद्धालुओं के मन में सवाल रहता है कि यमुनोत्री किस पर्वत पर है। आप सभी श्रद्धालुओं के जानकारी के लिए बताना चाहता हूं कि यमुनोत्री उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के गढ़वाल हिमालय में स्थित है। यह मंदिर 10804 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।

यमुनोत्री का रास्ता; यमुनोत्री धाम कैसे पहुंचे?

आप यमुनोत्री धाम भारत के अलग-अलग राज्य से जा सकते हैं। हम आपको यमुनोत्री धाम कैसे पहुंचे के बारे में पूरी जानकारी देंगे और साथ ही साथ आपको हवाई मार्ग सड़क मार्ग रेल मार्ग से जाने की पूरी जानकारी प्रोवाइड करेंगे।

सड़क मार्ग

अगर आप यमुनोत्री धाम जाना चाहते हैं तो इसके लिए सड़क मार्ग सबसे अच्छा मार्ग है। आप भारत के किसी भी राज्य से हो सबसे पहले आपको उत्तराखंड के देहरादून जाना पड़ेगा। देहरादून आप अपनी सुविधा अनुसार सड़क मार्ग वायु मार्ग या रेल मार्ग से जा सकते हैं। इसके बाद आपको यहां से जानकी चट्टी तक बस के द्वारा यात्रा करनी पड़ती है। इसके बाद आप यहां से 6 किलोमीटर की पदयात्रा करके यमुनोत्री धाम तक पहुंच सकते हैं।

रेल मार्ग

अगर आप रेल मार्ग के माध्यम से यमुनोत्री जाना चाहते हैं तो आप सबसे पहले भारत के किसी भी राज्य से देहरादून तक रेल मार्ग के द्वारा पहुंच सकते। क्योंकि यमुनोत्री के सबसे नजदीक देहरादून का रेलवे स्टेशन ही है। इसके बाद आप यहां से बस के द्वारा जानकी चट्टी तक सफर कर सकते हैं। जानकी चक्की पहुंचने के बाद आप यहां से 6 किलोमीटर की पदयात्रा करके यमुनोत्री धाम पहुंच सकते है।

हवाई मार्ग

यमुनोत्री धाम की यात्रा करने के लिए आपको हवाई मार्ग यात्रा की सुविधा मिलती है। यमुनोत्री धाम की हवाई मार्ग से यात्रा करने के लिए सबसे पहले आपको देहरादून के लिए फ्लाइट पकड़नी होती है । इसके बाद आप यहां से हनुमान चट्टी के लिए टैक्सी के माध्यम से जा सकते हैं। इसके बाद आपको यहां से यमुनोत्री धाम की यात्रा करने के लिए अलग से हेलीकॉप्टर सर्विस चलती है। यहां से आपको हेलीकॉप्टर के माध्यम से जाने का और दर्शन करके वापस आने का पुल लगभग 85000 रुपए का प्रति व्यक्ति खर्च आता है।

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यमुनोत्री का महत्व क्या है?

हिंदू शास्त्र के अनुसार यमुनोत्री का हिंदुओं के लिए एक अलग महत्व रखता है। यमुनोत्री का नाम चार धाम यात्राओं में भी आता है। यमुनोत्री मंदिर एक ऐसा पवित्र स्थल है जहां पर आप स्नान करने से अपने सभी पाप को धूल सकते हैं। इतना ही नहीं यमुनोत्री मंदिर का इतिहास हनुमान जी के साथ भी जुड़ा हुआ है।

पूरी कथाओं के अनुसार जब भगवान हनुमान जी के पूछ में आग लगी हुई थी तो उन्होंने उसे आग को ठीक करने के लिए यमुना नदी के इस जगह पर पूछ कि आग को बुझाई थी। इसके अलावा पर पौराणिक कथाओं के अनुसार यमुनोत्री मंदिर और भी जुड़े रहस्य है।

यमुनोत्री की चढ़ाई कितने किलोमीटर की है?

यमुनोत्री धाम की यात्रा करने के लिए सभी श्रद्धालुओं को साढे पांच किलोमीटर की पदयात्रा करनी पड़ती है। इस पदयात्रा को करने में श्रद्धालुओं को लगभग 3 घंटे का समय लगता है। लेकिन अब भारत सरकार की तरफ से रोपवे शुरू किया जा रहा है जिसके माध्यम से आप केवल 15 मिनट में इस यात्रा को पूरी कर सकते हैं।

गंगोत्री यमुनोत्री कब जाना चाहिए?

बहुत सारे श्रद्धालुओं के मन में सवाल रहता है कि हमें गंगोत्री यमुनोत्री की यात्रा कब करनी चाहिए। इसके लिए आप सभी श्रद्धालुओं के जानकारी के लिए बताना चाहते हैं कि गंगोत्री यमुनोत्री की यात्रा अक्षय तृतीया से शुरू होती है। चार धाम यात्रा हर साल अप्रैल के महीने में शुरू होती है इसके अलावा चार धाम की दूसरी यात्रा अक्टूबर महीने में शुरू होती है। इस यात्रा के दौरान आप गंगोत्री यमुनोत्री के दर्शन कर सकते हैं।

FAQ

यमुनोत्री के लिए यात्रा का प्रारंभ कहां से होता है?

यमुनोत्री यात्रा का प्रारंभ धरासू से होता है। यहां से आपको यमुनोत्री और गंगोत्री के अलग-अलग रास्ते मिलते हैं।

हरिद्वार से यमुनोत्री जाने में कितना समय लगता है?

हरिद्वार से यमुनोत्री जाने में आपको लगभग 12 घंटे का समय लगता है। हरिद्वार से यमुनोत्री यात्रा केवल बस मार्ग के द्वारा ही संभव है।

गंगोत्री से यमुनोत्री की दूरी कितनी है?

गंगोत्री से यमुनोत्री की दूरी लगभग 230 किलोमीटर की है। गंगोत्री से यमुनोत्री जाने में आपको लगभग 7 घंटे से लेकर 8 घंटे का समय लगता है।

ऋषिकेश से यमुनोत्री की दूरी कितनी है?

ऋषिकेश से यमुनोत्री की दूरी लगभग 220 किलोमीटर है। आपको ऋषिकेश से यमुनोत्री पहुंचने में लगभग 11 घंटे से लेकर 12 घंटे का समय लगता है। आप इस यात्रा को लोकल टैक्सी या बस के माध्यम से कर सकते हैं।

हरिद्वार से यमुनोत्री की दूरी कितनी है?

हरिद्वार से यमुनोत्री की दूरी लगभग 290 किलोमीटर है। हरिद्वार से यमुनोत्री पहुंचने में आपको लगभग 15 घंटे से लेकर 16 घंटे का समय लगता है। आप इस यात्रा को लोकल टैक्सी या बस के माध्यम से कर सकते।

बद्रीनाथ से गंगोत्री की दूरी कितनी है?

बद्रीनाथ से गंगोत्री की दूरी लगभग 420 किलोमीटर है। आपको इस यात्रा करने में लगभग 20 घंटे से लेकर 22 घंटे का समय लगता है। आप इस यात्रा को लोकल टैक्सी या बस के माध्यम से कर सकते हैं।

निष्कर्ष

आप सभी लोगों को इस आर्टिकल के माध्यम से यमुनोत्री किस पर्वत पर हैं, Yamunotri Kis Parvat Par Hai, यमुनोत्री का रास्ता, बद्रीनाथ से गंगोत्री की दूरी, हरिद्वार से यमुनोत्री की दूरी, ऋषिकेश से यमुनोत्री की दूरी, गंगोत्री से यमुनोत्री की दूरी से जुड़ी से जुड़ी सभी प्रकार के इनफॉरमेशन दी है। मुझे पूरी उम्मीद है कि आप सभी लोगों को हमारे द्वारा दी गई है इनफॉरमेशन बहुत ही हेल्पफुल साबित होगी ऐसे ही और ट्रैवल के रिलेटेड जानकारी पाने के लिए हमारी इस वेबसाइट को बुकमार्क जरूर करे।

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